Self-driving Car, Autonomous Vehicle, Car Parts, How it works

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1. सेंसर एवं धारणा प्रणाली (Sensor & Perception System)

यह एक समूह है जिसमें अलग-अलग तकनीकी के उपकरण लगे होते हैं यह आसपास की दुनिया को 360डग्री में दिखता है और साथी 3D Map बनता है इसमें प्रमुख उपकरण होते हैं जैसे LiDAR (लाइडार): लेजर बीम के माध्यम से वस्तुओं का आकार और दूरी नापता है। यह छत पर घूमते हुए डोम में लगा रहता है। · रेडार: रेडियो तरंगों से दूर की वस्तुओं (जैसे गाड़ी) की गति और दूरी मापी जा सकती है। बारिश-धुंध भी काम करता है। · कैमरा: ट्रैफिक लाइट, सड़क के निशान और पैदल यात्री के चेहरे को देखें। इन्हें साइड मिरर और मुख्य ग्रिल पर अलग-अलग स्थानों पर लगाया जाता है। · अल्ट्रासोनिक डिवाइस: पार्किंग के दौरान बहुत ही नजदीकी चीजों को चुनते हैं।

2. एआई कंप्यूटिंग यूनिट (AI Computing Unit)

इसमें क्या है? कार का “कमांड सेंटर” या “दिमाग।”कार्य: एक सेकंड के हजारवें हिस्से में सभी सेंसर से मिलाकर लाखों डेटा पॉइंट्स का विश्लेषण करना यह अगले कदम का निर्धारण करता है— गति बढ़ाना, ब्रेक मारना या मोड़ लेना• गुण: यह डीप लर्निंग एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित सुपर कंप्यूटर की तरह शक्तिशाली है।

3. चेसिस एवं सुरक्षा ढाँचा (Chassis & Safety Structure)

इसमें क्या है? कार की “हड्डियाँ और कंकाल”कार्य: पूरी कार को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों को एक सुरक्षित “सेफ्टी सेल” में सुरक्षित रखना। बैटरी, मोटर और सेंसर जैसे भारी भाग इसमें ही जुड़े हैं।• गुण: स्वचालित कारों में यह चपटा और मजबूत ढाँचा अक्सर एक “स्केटबोर्ड” की तरह होता है, जिससे अंदर अधिक जगह मिलती है।

4. बैटरी एवं पावरट्रेन (Battery & Powertrain)

इसमें क्या है? कार का “दिल और मांसपेशियाँ”कार्य: कार को चलाने के लिए ऊर्जा देना (बैटरी) और ऊर्जा को पहियों तक पहुँचाकर गति उत्पन्न करना (पावरट्रेन)· रचना: बैटरी का पैक: फ्लोर के नीचे लगी होने से कार का संतुलन बेहतर रहता है। · विद्युत मोटर: हर पहिये पर अलग-अलग मोटर लगाए जा सकते हैं, जिससे अधिक नियंत्रण मिलता है।

5. व्हील एवं स्टीयरिंग असेंबली (Wheel & Steering Assembly)

इसमें क्या है? कार के “पैर-पैर”कार्य: AI कंप्यूटर के आदेश पर सटीकता से मुड़ना, गति बढ़ाना-घटाना और रुकना इसमें “बाय-वायर” (By-Wire) तकनीक है, जो इलेक्ट्रिक सिग्नल को पारंपरिक मैकेनिकल लिंकों (स्टीयरिंग शाफ्ट) की जगह लेता है।लाभ: इससे कार की गतिविधि बहुत सटीक और तेज़ होती है।

6. आंतरिक साज-सज्जा (Interior Cabin)

इसमें क्या है? यात्रियों के लिए एक “लाउंज या लिविंग रूम”।कार्य: कारण यह है कि ड्राइवर नहीं है, इसलिए इंटीरियर का डिज़ाइन आराम और उत्पादकता पर केंद्रित है।· विशिष्टताएँ: · फोल्डिंग टेबल और घूमने वाली सीटें। · बड़ी स्क्रीनें दोनों काम और मनोरंजन के लिए हैं। · कैबिन की निगरानी: यात्रियों की सुरक्षा के लिए कैमरे।

7. कनेक्टिविटी सूट (Connectivity Suite)

इसमें क्या है? कार का “संचार प्रणाली”।कार्य: कार को बाहर से जोड़नाकैसे: · V2X (विकल्प-टू-एवरीथिंग): दूसरी कारों (V2V), ट्रैफिक लाइटों (V2I) और सड़क के बुनियादी ढांचे से वास्तविक समय में बातचीत करना (जैसे, अगले चौराहे पर एक लाल बत्ती देखना) • 5G और 6G इंटरनेट: निरंतर उच्च स्पीड कनेक्टिविटी · बाहर से (OTA) अपडेट: कार या स्मार्टफोन की सॉफ़्टवेयर को दूर से ही अपग्रेड करना

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